शुक्ति पिष्टी

शुक्ति पिष्टी

 विधि – 

मोती की सीपांे के भीतर से सरलता से निकाल सके उतने तेजस्वी १ घण्टा उबालें  फिर जल से धोकर सुखा लेवे | उसे हमामदस्ते में कूटकर कपडछन चूर्ण करें पश्चात चीनी मिटटी के खरल में चन्दनादि अर्क मिला-मिला कर ६ दिन खरल करने पर जलान्तर पिष्टी बन जाती है |

 

मात्रा-

२ से ४ रत्ती मक्खन मिश्री शहद या दूध के साथ देवें |

 

गुणधर्म –

शुक्ति पिष्टी मुक्ता पिष्टी की प्रतिनिधि है | इसमें भी शीतल शामक अम्लतानाशक और उदरवातहर गुण है इसका उपयोग मुक्ता पिष्टी के समान होता है | ऐसा आचार्य जी का मत है  विशेषगुणधर्म रसतन्त्रसार प्रथम खण्ड में दिया है |

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