मधुरान्तक वटी

द्रव्य- तुलसी के पत्ते २ तोले गिलोय सत्व १ तोला लौंग वंशलोचन धनियां कासनी के बीज और इलायची ६-६ माशे लेवें |

विधि-

सबको बारीक बना तुलसी के रस में खरलकर उडद के बराबर गोली बनावें |

मात्रा –

२ से ४ गोली दिन में ३ बार जल के साथ दें |

उपयोग –

मोतीझरे मधुरे के विष को बाहर निकालने में उपयोगी है लक्ष्मीनारायण रस के साथ इस वटी का सेवन कराने से जल्दी लाभ होता है |

सगर्भा स्त्रिंयो और बच्चों को ज्वर में भी निर्भयता पूर्वक दी जाती है हजारों रोगियों को देकर अनुभव किया है |

 

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