पन्ना भस्म

पन्ना भस्म

द्रव्य-

शुध्द पन्ना के छोटे-छोटे कण 12 तोले |

विधि-

लोह खरल में शुध्द पन्ना खरड को बारीक पीसकर जंगली तुलसी के रस में 3 दिन खरल करावें | फिर उसे 2 सेर उपलों की अग्नि दें दुसरे दि पुनः उसी रस में 12 घण्टे खरल करा अग्नि देवें | इस तरह 5 पुट देने से भस्म तैयार हो जाती है |

वक्तव्य –

इस विधि से वैक्रान्त पुखराज माणिक्य और नीलम की भस्म भी बनवायी थी वैक्रान्त और नीलम को 5 -5 सेर गोबरी अग्नि के 6 पुट दिये थे |

मात्रा –

1/5 से 1 रत्ती तक रोगानुसार अनुपान के साथ |

उपयोग –

पन्ना भस्म विषनाशक शीतल हृद्य मधुर रेचक अम्ल पीत्तहत्र्ता रोचक पुश्टिकत्र्ता भूतबाधानाशक है| ज्वर वमन श्वास संताप मन्दाग्नि अर्श पाण्डु मधुमेह और शोथ का नाश करती है |

सूचना– अधिक मात्रा में पुंस्त्व को हानि पहुॅंचाती है

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