अष्टामृत भस्म

अष्टामृत भस्म

द्रव्य –

शुध्द कासीस शुध्द मनःषिला शुध्द गोन्दती शुध्द प्रवाल मूल शुध्द  मोती की सीप शुध्द स्वर्णमाक्षिक षुध्द रौप्यमाक्षिक और धान्याभ्रक 5-5 तोले | Continue reading “अष्टामृत भस्म”

पत्र्चामृत भस्म (बाजीभाई मात्रा)

पत्र्चामृत भस्म (बाजीभाई मात्रा)

द्रव्य-

शुध्द पीला सोमल शुध्द हरताल शुध्द मन-शिला कलई चूना शुध्द गन्धक और फिटकरी 5-5 तोले| Continue reading “पत्र्चामृत भस्म (बाजीभाई मात्रा)”

वअंगाष्टक भस्म

वअंगाष्टक भस्म

द्रव्य-

शुध्द पारद षुध्द गन्धक लोहभस्म रौप्यभस्म शुध्द खपरिया या जसद भस्म अभ्रक भस्म ताम्रभस्म ये 7 औषधियाॅं 4 – 4 तोले और वअंगभस्म 28 तोले लें | Continue reading “वअंगाष्टक भस्म”

मल्ल शंख भस्म

मल्ल शंख भस्म

विधि –

शुध्द किये हुए बडे शंख को तपा तपाकर 3 बार आक के पानांे के रस में बुझावे | फिर उस शंख के भीतर सोमल का चूर्ण 5 तोले भरकर उपर आक का दूध भर देवें | Continue reading “मल्ल शंख भस्म”

प्रवाल भस्म

प्रवाल भस्म

 प्रथम विधि –

प्रवाल शाखा २० तोले  को १ सेर गोमूत्र में डालकर मन्दाग्नि पर उबालें गोमूत्र चतुर्थांश शेष रहने पर हांडी को नीचे उतार लेवें | Continue reading “प्रवाल भस्म”

यशद भस्म

यशद भस्म

प्रथम विधि –

आध सेर शुध्द यशद को लोहे की कडाही में डाल चूल्हे पर चढावे नीचे तीव्र अग्नि देवें द्रव होने, पर फलाश की मूल के ताजे डंडे या केतकी के मुल के डंडे से घोटते रहने से भस्म बन जाती है | Continue reading “यशद भस्म”